Rise Of Banda Singh Bahadur Part 2 In Hindi -best May 2026
बंदा सिंह बहादुर सिर्फ एक योद्धा नहीं थे। वह उस सोच के प्रतीक थे जो जाति-पाति, ऊंच-नीच से परे थी। उन्होंने गरीब किसानों को राजा बना दिया। उन्होंने जजिया खत्म किया। उन्होंने उन किलों में खालसा का झंडा फहराया जहाँ कभी अत्याचारी शासक रहते थे।
नमस्कार दोस्तों, पिछले भाग में हमने देखा कि कैसे एक साधु माधो दास ने श्री गुरु गोबिंद सिंह जी से दीक्षा लेकर ‘बंदा सिंह बहादुर’ बने और उन्हें पंजाब भेजा गया। गुरु जी के आशीर्वाद और ‘जयते’ (विजय) की ध्वनि के साथ वह निकले। अब इस भाग में जानते हैं कि कैसे इस साधु-सेनानी ने मुगल सल्तनत की नींव हिला दी। Rise Of Banda Singh Bahadur Part 2 In Hindi -BEST
हालाँकि बंदा सिंह बहादुर की ताकत बढ़ रही थी, लेकिन दिसंबर 1710 में मुगलों की भारी सेना ने लोहगढ़ पर हमला कर दिया। बंदा सिंह को लोहगढ़ छोड़ना पड़ा और वे की बजाय मुकेरियां और ज्वालामुखी के पहाड़ी क्षेत्रों में चले गए। Rise Of Banda Singh Bahadur Part 2 In Hindi -BEST
यहाँ Banda Singh Bahadur के उदय की द्वितीय भाग पर आधारित एक ब्लॉग पोस्ट हिंदी में प्रस्तुत है। यह ऐतिहासिक तथ्यों और वीरगाथा को सरल, प्रभावशाली शैली में प्रस्तुत करता है। Rise Of Banda Singh Bahadur Part 2 In Hindi -BEST
गुरु जी से आशीर्वाद लेकर बंदा सिंह बहादुर दक्षिण से उत्तर की ओर बढ़े। रास्ते में राजपूताना और हरियाणा के क्षेत्रों से गुजरते हुए उन्होंने स्थानीय लोगों को संगठित किया। उनका लक्ष्य स्पष्ट था – अत्याचारी मुगल शासकों और उनके सामंतों को सबक सिखाना।